यति बाबा नरसिम्हानंद सरस्वतीजी

narsimhanand saraswati ji

यति बाबा नरसिम्हानंद सरस्वतीजी,

महंत, सिद्धपीठ प्रचंड चंडी देवी व महादेव मंदिर, गाजियाबाद

‘‘संत आशारामजी बापू ने भारत के ईसाईकरण को रोकने के लिए बहुत ठोस कार्य किये थे । यह हर आदमी जानता है, हर पत्रकार जानता है । जो सारे संतों-महंतों और महापुरुषों को तथा जो हिन्दू धर्म से संबंधित हैं उन्हें अपना शिकार बनाना चाहते हैं, जो हिन्दुओं की आस्था को समाप्त करके इस देश पर अपने धर्म, अपने मजहब का कब्जा चाहते हैं, उन लोगों के षड्यंत्र के कारण आशारामजी बापू आज जेल में हैं । यह बहुत बड़ा हिन्दू-विरोधी अंतर्राष्ट्रीय षड्यंत्र है ।

आशारामजी बापू एक वयोवृद्ध संत हैं । वे कहीं भागनेवाले नहीं हैं और अस्वस्थ भी हैं । आप उन्हें जमानत तो दे सकते हैं क्योंकि न्याय-व्यवस्था यह कहती है कि चाहे १००० दोषी छूट जायें, एक निर्दोष को सजा नहीं होनी चाहिए । आशारामजी बापू, साध्वी प्रज्ञा – इनकी जमानत क्यों नहीं हो रही है ? मुझे इस बात पर बहुत दिक्कत है । चोर-चकारों, गुंडों, हिस्ट्री शीटरों, हत्यारों को जमानत मिलती है – सबको जमानत मिलती है लेकिन इन संतों को जेल में रखे हो !’’

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